मनु पंवार इन अंतर्देशीय पत्रों का चलन भी खत्म होने लगा 'खुला' शब्द का जिक्र आता है तो एक पारदर्शिता और स्वच्छंदता का सा भाव आता...
ये 'खुला खत' क्या बला है जी?
Reviewed by Manu Panwar
on
January 30, 2019
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