मनु पंवार (वैसे तो अपन चीज़ों को ज़्यादा सीरियसली लेने वाले बंदे नहीं हैं. हमेशा हंसने, खिलखिलाने पर यकीन रखते हैं, मगर आज व्यंग्य नहीं....
बी.मोहन नेगी: उनके हाथों में लकीरों के सिवा कुछ भी नहीं बी.मोहन नेगी: उनके हाथों में लकीरों के सिवा कुछ भी नहीं Reviewed by Manu Panwar on October 26, 2017 Rating: 5